-:सेमिनार-:

*फासीवाद का बढ़ता खतरा और हमारे कार्यभार*

*दिनांक – 17 फरवरी 2019*
*समय-* प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक
*स्थान-* नगर निगम सामुदायिक भवन, विजय नगर डबल स्टोरी, उत्तरी दिल्ली। निकट मेट्रो: जी टी बी नगर (यैलो लाईन पर)

साथियों,

आज हम एक बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। पूरे विश्व और देश में एक तरफ़ जहां पूंजी द्वारा मज़दूरों- मेहनतक़शों की लूट दिनों दिन नई ऊँचाई पर पहुँच रही है, वहीं प्रतिरोध की हर आवाज को कुचलने की कोशिशें तेज हो गई हैं। भारत के एकाधिकारी पूंजीपतियों एवं हिंदुत्व फासीवादियों का गठजोड़ देश की मज़दूर मेहनतक़श जनता के ख़िलाफ़ नित नए हमले कर रहा है और नित नए षड्यन्त्र रच रहा है। मज़दूर- मेहनतकशों के प्रतिरोध को कुचलने के लिए जहां श्रम कानूनों सहित जनता के जनवादी अधिकारों पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, वहीं राज्य अधिकाधिक निरंकुश होता जा रहा है। उदारवादी पूंजीवादी राज्य के ढांचे में फासीवादी परिवर्तन करने के कई क़दम लगातार लिए जा रहे हैं। समस्त जनता को निगरानी तंत्र के अंतर्गत लाकर एक पुलिस स्टेट कायम करने की कोशिशें जारी हैं।

मोदी सरकार के सत्तासीन होते ही हिंदुत्व फासीवादियों के होंसले सातवें आसमान पर पहुँच गए। राज्य के ढांचे में परिवर्तन करने के कई क़दम लगातार लिए जा रहे हैं।

अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुसलमानों, पर संघी फासिस्टों के हमले लगातार बढ़ते चले गए हैं। गौ-रक्षा व लव जिहाद के नाम पर बजरंगी लम्पटों द्वारा मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों पर जानलेवा हमले किये जा रहे हैं, और उन्हें दोयम दर्जे के नागरिक में तब्दील कर देने के साजिशें तेज हुई हैं। दलितों और महिलाओं के ऊपर हमले बढ़ गए हैं। जनवादी व प्रगतिशील बुद्धिजीवियों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। कम्युनिस्टों और क्रांतिकारी ताकतों को वैचारिक शत्रु बनाकर उनके ऊपर हमले भी तेज़ हुए हैं।

फासीवादी ताकतें छोटे साम्प्रदायिक दंगे की निरंतरता बनाए हुए हैं, और बड़े दंगे करने की साज़िश रच रही हैँ। लोकसभा चुनाव करीब आते ही राम मंदिर के बहाने देश में साम्प्रदायिक नफरत की आंधी बहाने की कोशिशें तेज़ हो गयीं हैं। इसके प्रतियोगिता में और विभिन्न किस्म की दक्षिणपंथी ताक़तो का भी उदय हो रहा है।

आज हिंदुत्व फासीवाद एक मज़बूत स्थिति में हैं, जबकि उनके प्रतिरोध की शक्तियां बहुत कमजोर स्थिति में हैं। प्रगतिशील आवाजोंकी एक धारा भाजपा बनाम कांग्रेस की चुनावी दांवपेंच में ही इस महती चुनौती को सीमित कर रहे हैं।

हिंदुत्ववादी फासीवाद के आसन्न खतरे की खिलाफ मौजूदा कार्यभारों को चिह्नित करने के उद्देश्य से इंक़लाबी मज़दूर केंद्र, क्रांतिकारी नौजवान सभा एवं जन सघर्ष मंच, हरियाणा संयुक्त रूप से 17 फरवरी को एक सेमिनार आयोजित कर रहे हैं, जिसमें आप सादर आमंत्रित हैं। सेमीनार में आपकी सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।

-कार्यक्रम-

सेमिनार का विषय –
_फासीवाद का बढ़ता खतरा और हमारे कार्यभार_
दिनांक – 17 फरवरी
समय – प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक
स्थान- नगर निगम सामुदायिक भवन, विजय नगर डबल स्टोरी (निकट मदर डेरी)। नज़दीकी मेट्रो स्टेशन – जी टी बी नगर (यैलो लाईन पर)

*संपर्क सूत्र-*
हरीश- 9654298344
नयनज्योति- 8447302744

*क्रांतिकारी अभिवादन के साथ,*

इंक़लाबी मज़दूर केंद्र,
क्रांतिकारी नौजवान सभा,
जन सघर्ष मंच, हरियाणा